IGRS शिकायत के निस्तारण में फर्जीवाड़ा: संविदाकर्मी पर FIR, सेवा समाप्ति के बाद बनाई थी फर्जी रिपोर्ट

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राष्ट्रीय आयुष मिशन, उत्तर प्रदेश के आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत के निस्तारण में फर्जीवाड़ा किए जाने का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी होने पर मिशन के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक अरविंद ने वजीरगंज थाने में तहरीर दी। आरोप है कि सेवा समाप्ति के बाद भी एक संविदाकर्मी ने सरकारी पोर्टल का लॉगिन प्रयोग कर फर्जी रिपोर्ट अपलोड कर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

राष्ट्रीय आयुष मिशन, उत्तर प्रदेश भारत सरकार की एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसके तहत आयुष मंत्रालय द्वारा संचालित कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया जाता है। कार्यक्रम प्रबंधक अरविंद के अनुसार शशांक तिवारी नामक संविदाकर्मी को एचएमआईएस पद पर तैनात किया गया था, जिनके जिम्मे आईजीआरएस पोर्टल से जुड़ी सूचनाओं का संकलन और शिकायतों के निस्तारण का कार्य था। आरोप है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही, उच्चाधिकारियों को गुमराह करने, एचएमआईएस प्रणाली विकसित न करने तथा आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित दायित्वों का निर्वहन न करने के चलते शशांक तिवारी की सेवाएं 7 नवंबर 2025 को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई थीं।

सेवा समाप्ति के बाद भी करता था लॉगिन का प्रयोग

कार्यक्रम प्रबंधक अरविंद के मुताबिक, सेवा समाप्त होने के बाद भी शशांक तिवारी ने शासकीय आईजीआरएस लॉगिन का अनधिकृत उपयोग किया। इस दौरान शिकायत संख्या 15157260002117 का निस्तारण स्वयं के पक्ष में भ्रामक तथ्यों के साथ कर दिया गया। इस धोखाधड़ी और अनियमितता की जानकारी मिलने पर विभागीय स्तर पर जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार सेवा समाप्ति के बाद शासकीय पोर्टल का उपयोग करना न केवल अवैधानिक है, बल्कि इससे सरकारी कार्यप्रणाली की विश्वसनीयता को भी गंभीर क्षति पहुंची है। राज्य कार्यक्रम प्रबंधक अरविंद द्वारा दी गई तहरीर पर वजीरगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी के अनुसार मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।