नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के कर्मचारियों के वेतन संशोधन को मंजूरी दे दी है। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और नाबार्ड के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन संशोधन को भी स्वीकृति दी गई है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि इस वेतन संशोधन से कुल 46322 कर्मचारी, 23570 पेंशनधारक और 23260 पारिवारिक पेंशनधारक लाभान्वित होंगे।
पीएसयू सामान्य बीमा कंपनियों के वेतन संशोधन के संबंध में मंत्रालय ने कहा कि यह एक अगस्त 2022 से प्रभावी होगा। इस पर कुल खर्च 8,170.30 करोड़ रुपये होगा जिसमें वेतन संशोधन के तहत बकाया मद में 5,822.68 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के लिए 250.15 करोड़ रुपये तथा पारिवारिक पेंशन के लिए 2097.47 करोड़ रुपये शामिल हैं। नाबार्ड के लिए वेतन संशोधन एक नवंबर 2022 से प्रभावी होगा जिससे वार्षिक वेतन मद में लगभग 170 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि होगी और बकाया भुगतान की कुल राशि करीब 510 करोड़ रुपये होगी। पेंशन संशोधन के परिणामस्वरूप नाबार्ड के 269 पेंशनधारकों और 457 पारिवारिक पेंशनधारकों को एकमुश्त 50.82 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान किया जाएगा जबकि पेंशन भुगतान पर मासिक अतिरिक्त खर्च 3.55 करोड़ रुपये होगा।सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और पारिवारिक पेंशन में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है। स्वीकृत संशोधन के तहत एक नवंबर 2022 से मूल पेंशन और महंगाई भत्ते में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। इससे कुल वित्तीय बोझ 2,696.82 करोड़ रुपये आंका गया है जिसमें बकाया मद में एकमुश्त 2,485.02 करोड़ रुपये और वार्षिक रूप से 211.80 करोड़ रुपये का आवर्ती खर्च शामिल है।
