लखनऊ विश्वविद्यालय ने परिसर में सभी प्रकार के धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही छात्रों को परिसर में वैध पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य कर दिया गया है। विश्वविद्यालय ने परिसर में पोस्टर चिपकाने, दीवार लेखन और बाहरी वाहनों के प्रवेश पर भी सख्ती की है। कुलानुशासक ने निर्देश दिए हैं कि परिसर और छात्रावासों में आग्नेयास्त्र का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और परीक्षा अवधि में केवल अनुमति प्राप्त वाहनों को प्रवेश मिलेगा।नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने इस आदेश का विरोध करते हुए कहा कि छात्रों के लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। संगठन ने परिसर में पोस्टर लगाकर छात्रों के मौलिक अधिकारों का उल्लेख किया।
शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर में दो छात्र संगठनों के बीच आपत्तिजनक नारेबाजी को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद पांच सदस्यीय समिति बनाकर जांच की गई। समिति की सिफारिश के आधार पर कुछ छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसमें अमितेश पाल (एमए, राजनीति शास्त्र, प्रथम वर्ष), मानस रावत (पीएचडी, मनोविज्ञान), आकाश कठेरिया (बीए एलएलबी, अंतिम वर्ष), अश्वनी कुमार (बीएससी, बायोलॉजी, तृतीय वर्ष), विवेक मिश्रा (बीए, तृतीय वर्ष), शिवम कुमार सिंह (बीए, तृतीय वर्ष) और प्रत्यूश पांडेय (पीएचडी, अंग्रेजी) शामिल हैं।
