- एसआईआर प्रक्रिया में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना यज्ञ के समान: डॉ. दिनेश शर्मा
लखनऊ। राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि आदिवासी समाज के बच्चे नए भारत की मजबूत नींव हैं। ईश्वर ने उन्हें विशेष क्षमताएं दी हैं और वे समाज की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि समाज को जोड़ने और उसकी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों से सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
डॉ. शर्मा ने कहा कि सेवा के कार्य में शामिल होना अपने आप में सौभाग्य की बात है। जहां जरूरत होती है, वहां स्वयंसेवक निस्वार्थ भाव से सेवा के लिए आगे आता है। उन्होंने कहा कि सच्चा स्वयंसेवक यश या प्रशंसा की इच्छा किए बिना समाज के लिए समर्पित रहता है। इसी सेवा भावना का परिणाम है कि आज जरूरतमंदों के लिए आश्रय स्थल बन पाए हैं और आने वाले समय में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए खेल एवं कौशल विकास से जुड़े केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि समाज को जोड़ने वाली सोच को अपनाना चाहिए और आपसी भेदभाव या कटुता से दूर रहना चाहिए, क्योंकि ऐसी मानसिकता समाज के वातावरण को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि जीवन का वास्तविक अर्थ दूसरों के लिए कुछ करने में है। जन्म और मृत्यु के बीच का समय वही सार्थक बनाता है जो अपने साथ-साथ दूसरों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाए।
“एक अन्य कार्यक्रम में डॉ. शर्मा ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के अंतर्गत मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना यज्ञ के समान है। इसमें भाग लेना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिवार, पड़ोस और परिचितों का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए प्रेरित करना चाहिए, ताकि कोई भी योग्य मतदाता छूट न जाए।”
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल हो। नाम दर्ज कराने के लिए अंतिम तिथि का इंतजार न करें, बल्कि समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कराएं। उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र की नींव जागरूक और पंजीकृत मतदाताओं से ही बनती है।
