बाराबंकी-बहराइच फोरलेन के निर्माण को मिली रफ्तार : यातायात, व्यापार और विकास के लिए साबित होगा मील का पत्थर

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लखनऊ। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बाराबंकी से बहराइच तक प्रस्तावित चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-927 के निर्माण की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। अधिकारियों की मानें तो करीब 6,927 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती सहित नेपाल के सीमावर्ती इलाकों के लिए यातायात, व्यापार और विकास के लिहाज से मील का पत्थर साबित होगी।

एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, फोरलेन हाईवे के निर्माण के लिए लगभग 325 हेक्टेयर सरकारी व निजी भूमि की आवश्यकता होगी, जिसकी पहचान की जा चुकी है। परियोजना के पूरा होने के बाद यह राष्ट्रीय राजमार्ग आने वाले कई दशकों तक प्रतिदिन करीब 38 हजार हल्के और भारी वाहनों के आवागमन को सहज रूप से संभालने में सक्षम होगा। इस परियोजना की सबसे बड़ी उपलब्धि यात्रा समय में भारी कमी होगी।

वर्तमान में बाराबंकी से बहराइच की 101 किलोमीटर की दूरी तय करने में यात्रियों को कई घंटे लग जाते हैं, लेकिन फोरलेन हाईवे के निर्माण के बाद यह सफर करीब एक घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे न केवल आम नागरिकों को राहत मिलेगी, बल्कि माल ढुलाई और व्यापारिक गतिविधियों को भी तेज गति मिलेगी।

एनएचएआई के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि इस परियोजना को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप अप्रेज़ल कमेटी (पीपीपीएसी) से मंजूरी मिलने के बाद 6 नवंबर को अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय आर्थिक कार्य मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) को भेजा गया है।

स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना को दो चरणों में विकसित किया जाएगा। परियोजना के पहले चरण में बाराबंकी-जरवल और जरवल-बहराइच खंड का निर्माण किया जाएगा। एनएचएआई को उम्मीद है कि मध्य-2026 तक वित्तीय मंजूरी मिल जाएगी, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

फोरलेन एनएच-927 के निर्माण से बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों के साथ-साथ नेपाल से जुड़े सीमावर्ती क्षेत्रों को भी बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। इससे क्षेत्र में निवेश, पर्यटन, उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। स्थानीय लोगों, व्यापारियों और यात्रियों को लंबे समय से जिस आधुनिक और सुरक्षित सड़क की प्रतीक्षा थी, वह अब जल्द ही पूरी होने की उम्मीद है।