महिला डॉक्टर की डिग्री पर फर्जी अल्ट्रासाउंड सेंटर का लाइसेंसः श्रावस्ती में PCPNDT एक्ट का गंभीर उल्लंघन, एक माह बाद भी कार्रवाई शून्य

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शहर की एक महिला डॉक्टर के नाम और डिग्री का दुरुपयोग कर श्रावस्ती जिले में अल्ट्रासाउंड सेंटर का लाइसेंस जारी किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीसीपीएनडीटी एक्ट जैसे संवेदनशील कानून के उल्लंघन के बावजूद एक माह बीत जाने के बाद भी न तो रिपोर्ट दर्ज हुई और न ही आरोपी संचालकों पर कोई कार्रवाई की गई है।

पीड़ित महिला डॉक्टर ने मुख्यमंत्री, श्रावस्ती के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि श्रावस्ती स्थित सहारा अल्ट्रासाउंड सेंटर और ज्योति डायग्नोस्टिक सेंटर में उनकी डिग्री का कूटरचित तरीके से इस्तेमाल किया गया, जबकि वह कभी इन केंद्रों से जुड़ी ही नहीं रहीं।

महिला डॉक्टर बलरामपुर डॉक्टर कैंपस में अपने ईएनटी सर्जन पति के साथ रहती हैं और लखनऊ के बाबूगंज क्षेत्र में निजी अस्पताल का संचालन करती हैं। दिसंबर माह में जब उन्होंने अपने अस्पताल स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटर के पंजीकरण नवीनीकरण के लिए सीएमओ लखनऊ कार्यालय में आवेदन किया, तब इस फर्जीवाड़े की जानकारी हुई।

पीड़िता के अनुसार, श्रावस्ती में किसी भी अल्ट्रासाउंड सेंटर के लिए उनका कोई भौतिक सत्यापन नहीं किया गया। आरोप है कि सीएमओ श्रावस्ती कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से पोर्टल पर उनकी डिग्री अपलोड कर दी गई। शिकायत के एक माह बाद भी न तो पोर्टल से उनका नाम हटाया गया और न ही संबंधित केंद्रों पर छापा मारा गया।

इस मामले में सीएमओ लखनऊ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि संबंधित लाइसेंस का नवीनीकरण अभी नहीं किया गया है। वहीं, श्रावस्ती के सीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि सहारा अल्ट्रासाउंड सेंटर को लाइसेंस उनकी तैनाती से पहले जारी किया गया था और उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी कार्यालय को पत्र भेज दिया है। आगे की कार्रवाई डीएम कार्यालय स्तर से की जाएगी।