अयोध्या में आधुनिक कैंसर अस्पताल के निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। रविवार को प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा एवं परिवार कल्याण अमित कुमार घोष ने कैंसर हॉस्पिटल को लेकर राम जन्मभूमि परिसर के पीएफसी में मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के साथ बैठक की। घंटों चले विचार विमर्श के बाद मंडलायुक्त राजेश कुमार ने बताया कि प्रस्तावित हॉस्पिटल का निर्माण अंबेडकरनगर जाने वाले हाईवे पर हब एंड स्पोक मॉडल पर किया जाएगा। अयोध्या राजा की ओर से नि:शुल्क भूमि टाटा समूह के नमो फाउंडेशन को उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रमुख सचिव अमित घोष ने सबसे पहले श्रीराम अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान तमाम प्रशासनिक अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिया। कमिश्नर राजेश कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार श्रीराम चिकित्सालय को भी उच्चीकृत करने जा रही है। इसका एक प्रोजेक्ट बन रहा है। राम मंदिर के बगल होने के नाते सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। विस्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राम मंदिर परिसर में चली बैठक के दौरान रीडगंज स्थित तीन सौ बेड के चिकित्सालय की डिजाइन को लेकर भी चर्चा हुई। नमो फाउंडेशन से अयोध्या में कैंसर हॉस्पिटल के प्रस्तावित निर्माण को लेकर मंथन किया गया।
नमो फाउंडेशन को कितनी भूमि चाहिए। इसकी जानकारी सामने नहीं आ सकी है, लेकिन यह तय है कि अयोध्या राजा की ओर से जमीन नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। भूमि चिह्नित होते ही अयोध्या राजा और फाउंडेशन के बीच एमओयू होगा। रामनगरी में प्रस्तावित अस्पताल में कैंसर रोगियों की बेहतर देखरेख के साथ उपचार मिलेगा। बताया कि यूपी बिहार में मुंह के कैंसरों के मरीज अधिक मिलते हैं। यहां जिलों के मेडिकल कॉलेज से रेफर मरीजों को इलाज हो सकेगा। इसके साथ ही जिले की चिकित्सा व्यवस्था भी मजबूत हो जाएगी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा व सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
