सऊदी अरब में नौकरी दिलाने का झांसा देकर जालसाजों ने एक महिला से लाखों रुपये और रियाल ठग लिए। आरोपियों ने बेटी व उसकी दो सहेलियों को अस्पताल में तथा बेटे को कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। फर्जी मेडिकल प्रमाण पत्र और वीजा भेजकर भरोसा जीत लिया गया। जांच में दस्तावेज फर्जी पाए गए। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के आदेश पर गुडंबा पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
गुडंबा के आदिलनगर निवासी रुबैदा ने बताया कि उनकी बेटी मंतशा नर्सिंग कोर्स के बाद सऊदी अरब में अस्पताल में कार्यरत थी। बेटा मोहम्मद एहतशाम भी चालक के रूप में सऊदी गया था, लेकिन बीमारी के चलते 16 नवंबर 2024 को भारत लौट आया। वहीं सऊदी में उसकी मुलाकात आजमगढ़ के लालगंज निवासी मेहताब आलम से हुई थी, जो बाद में भारत आकर उनके घर पहुंचा।
मेहताब ने दावा किया कि उसकी सऊदी में अच्छी पहचान है और वह एहतशाम को किसी कंपनी में नौकरी दिला सकता है। 6 मई को मंतशा भी भारत लौटी। इसके बाद मेहताब अपने साथी शम्स आलम के साथ उनके घर आया और भाई-बहन को नौकरी दिलाने का झांसा दिया। मेडिकल और वीजा के नाम पर खर्च बताकर रुपये मांगे गए। मंतशा ने अपनी दो सहेलियों के लिए भी नौकरी की बात कही।
आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में 2.46 लाख रुपये और एक हजार रियाल (करीब 24 हजार रुपये) ले लिए। इसके बाद व्हाट्सएप पर मंतशा और उसकी सहेलियों के नाम से आदर्श मेडिसर्च सेंटर, मोहम्मदाबाद (मऊ) का मेडिकल प्रमाण पत्र और एहतशाम का वीजा भेजा गया।
शक होने पर पीड़िता ने भारतीय दूतावास और संबंधित अस्पताल से जांच कराई, जहां सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने धमकी दी और बेटी की फोटो एडिट कर वायरल करने की बात कही। गुडंबा पुलिस ने मेहताब आलम, शम्स आलम और जर्रार रजा के खिलाफ धोखाधड़ी व धमकी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
