अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर से तय होगी बाजार की चाल

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घरेलू शेयर बाजार की चाल इस सप्ताह अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर से जुड़े फैसले और वृहद आर्थिक आंकड़े पर निर्भर करेगी। विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले गुरुवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दर पर फैसला लेगा। इस पर उसका रुख एक प्रमुख घटना होगी, जिस पर वैश्विक बाजार की नजर है।
सैमको सिक्योरिटीज एवं स्टॉकनोट के संस्थापक एवं सीईओ जिमीत मोदी का कहना है कि विभिन्न कारणों से बाजार में इस सप्ताह अस्थिरिता का माहौल देखने को मिल सकता है। यह वैश्विक और घरेलू स्तर पर कई कारकों को प्रभावित करेगा। अमेरिकी फेडरल बैंक की बैठक के नतीजों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की नजर होगी। इसके अलावा, निवेशक अमेरिकी-चीन वार्ता की प्रगति पर कड़ी निगाह रखेंगे।

उन्होंने बताया कि गुरुवार को शेयर बाजार बंद होने के बाद औद्योगिक उत्पादन और महंगाई दर के आंकड़े आ सकते हैं, जो बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। पिछले सप्ताह सेंसेक्स में 348.66 अंक की गिरावट दर्ज की गई थी। आरबीआई के रेपो रेट में कटौती नहीं करने के फैसले के बाद दो कारोबारी सत्रों में बाजार में गिरावट देखी गई।

पांच फीसदी के नीचे रह सकती है विकास दर : आईएचएस मार्किट
आईएचएस मार्किट ने चालू वित्त वर्ष में भारत की विकास दर पांच फीसदी से कुछ नीचे रहने का अनुमान जताया है। उसने एक रिपोर्ट में कहा कि सरकार के अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के उपायों का असर दिखने में वक्त लग सकता है।

सरकारी बैंकों पर एनपीए का बोझ अधिक है, जिससे उनकी ऋण देने की क्षमता प्रभावित हो रही है। इसके अलावा, वित्तीय क्षेत्र की कमजोरी का भी विकास दर पर दबाव रहेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में विकास दर घटकर 4.5 फीसदी के छह साल के निचले स्तर पर आ गई है, जो पिछली तिमाही में पांच फीसदी रही थी।
आईएचएस ने कहा कि सितंबर तिमाही में विकास दर 4.5 फीसदी रहने का असर पूरे वित्त वर्ष की वास्तविक विकास दर पर पड़ सकता है।