टीम इंडिया ने तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने शुक्रवार को ऐतिहासिक डे-नाइट टेस्ट की पहली पारी में पांच विकेट लेकर इतिहास रच दिया। इस पिंक बॉल टेस्ट में पहली गेंद, पहला मेडन और पहला विकेट लेकर इशांत ने अपने नाम बेहद खास उपलब्धि हासिल की। वह गुलाबी गेंद से पांच विकेट लेने वाले पहले भारतीय तेज गेंदबाज बन गए हैं।
इशांत ने 12 ओवर में चार मेडन के साथ 22 रन देकर पांच विकेट चटकाए। इस दौरान इशांत का इकॉनमी रेट 1.83 का था। टेस्ट क्रिकेट में यह दसवां मौका था, जब इशांत शर्मा ने पांच या उससे अधिक विकेट चटकाए। इससे पहले इशांत ने पहली बार 2007 में पाकिस्तान के खिलाफ बेंगलुरु में पांच विकेट झटके थे।
इस पांच विकेट हॉल के साथ उन्होंने जवागल श्रीनाथ की बराबरी कर ली। इस मामले में पहले पायदान पर कपिल देव हैं। उन्होंने 23 बार पाच विकेट हॉल लिया है। दूसरे नंबर पर जहीर खान हैं, जिन्होंने 11 बार पांच विकेट हॉल लिया है।
भारतीय तेज गेंदबाजों की तिकड़ी ने एक बार फिर शानदार स्पैल डालते हुए देश के पहले ‘गुलाबी’ टेस्ट में कमाल का प्रदर्शन किया। इशांत के अलावा उमेश यादव ने तीन और मोहम्मद शमी ने दो विकेट अपने नाम किए।
गुलाबी गेंद तेज गेंदबाजों का ब्रहमास्त्र साबित हुई और बांग्लादेशी बल्लेबाजों के पास उसका कोई जवाब नहीं था। बांग्लादेश की पहली पारी महज 106 रन पर ही सिमट गई। पहली पारी में बांग्लादेश केवल 30.3 ओवर ही खेल पाए।
पहली पारी में भारतीय स्पिन गेंदबाजों को एक भी विकेट नसीब नहीं हुई। दरअसल, पिंक बॉल के कलर को प्रोटेक्ट करने के लिए विकेट पर घास ज्यादा होती है। यह तेज गेंदबाजों को मदद करेगी ही और अब तक ऐसा होता आया है, लेकिन अगर विकेट पर घास ही नहीं है तो फिर स्पिनर्स को मदद मिलेगी।
