श्री राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई थी। आज गुरुवार को दो साल पूरे हो गये। इस समय में अयोध्या बदल गई। वीआईपी शहर दिखती है। रात-दिन श्रद्धालुओं की आमद-रफ्त, जै श्री राम, जय सियाराम के जयकारे गूंज रहे हैं। इस दौरान लगभग 15 लाख वीवीआईपी, वीआईपी अयोध्या पहुंचे तो राम लला के दर्शनार्थियों का आंकड़ा 6.5 करोड़ को पार कर गया।
राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की तिथि पर कुछ ही दिन पहले प्रतिष्ठा उत्सव का आयोजन हो चुका है, लेकिन तारीख 22 जनवरी 2024 थी। तारीख के हिसाब से दो साल गुरुवार को पूरे हो रहे हैं। इस दो साल में आंदोलन के दौरान आबाद क्षेत्र का टॉपू रहने वाली अयोध्या अब श्रद्धालुओं से आबाद रहती है। संसाधनों के साथ परिदृश्य बदला। अयोध्या विशिष्ट शहरों की श्रेणी में आ गया। सरयू तट से श्रीराम मंदिर तक श्रद्धालुओं का हर समय रेला दिखता है।
कुछ ऐसे बदली तस्वीर…
शहर की गरिमा श्रद्धालुओं की आमद से बढ़नी शुरू हुई। आंकड़े कहते हैं कि प्रतिष्ठा समारोह के अलावा पहले 66 दिन में ही दो हजार वीवीआईपी और 1.5 लाख वीआईपी यहां पहुंचे। देश के 12 राज्यों की सरकारें पहुंची तो 20 से ज्यादा राज्यपाल। वीवीआईपी और वीआईपी दर्शन के लिए प्रशासन को सेल बनानी पड़ी। पास की व्यवस्था करनी पड़ी, 191 दिनों में साढ़े पांच लाख वीआईपी और वीवीआईपी के साथ श्रद्धालुओं का आंकड़ा पौने तीन करोड़ तक पहुंच गया।
इसके बाद 275 दिन पूरे होते-होते वीवीआईपी और वीआईपी की संख्या छह लाख से ऊपर और श्रद्धालुओं का आंकड़ा 3.33 करोड़ से पार पहुंच गया। फिर महाकुंभ जैसे आयोजनों के दौरान तो कई-कई लाख एक दिन में ही अयोध्या पहुंचे। श्री राम मंदिर में 29 जून 2025 तक राम लला का दर्शन करने वालों का आंकड़ा साढ़े पांच करोड़ से ऊपर पहुंच गया। प्राण प्रतिष्ठा के दो साल पूरे होते-होते वीवीआईपी और वीआईपी के 14 लाख की संख्या के साथ राम लला का दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा लगभग साढ़े छह करोड़ को पार कर गया। अनौपचारिक बातचीत में प्रशासन के अफसर कहते हैं कि वीवीआईपी और वीआईपी का कोई आंकड़ा नहीं दर्ज किया जाता लेकिन लाखों की संख्या में ऐसे लोग अयोध्या दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे।
राष्ट्रपति के साथ चार बार अयोध्या पहुंचे मोदी
एक मई 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आईं तो प्रधानमंत्री मोदी 30 दिसंबर 2023, 22 जनवरी 2024, पांच मई 2024 और 25 नवंबर को ध्वजारोहण में शामिल होने अयोध्या पहुंचे। भूटान के प्रधानमंत्री के साथ अन्य विदेशी मेहमान भी राम मंदिर पहुंचे। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और सरकार के मंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्यपालों के साथ अन्य वीआईपी पहुंच रहे हैं। अब फिर राष्ट्रपति के अयोध्या आने की तैयारी है।
