बलिया के रसड़ा से बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह और उनके नजदीकियों कि ठिकानों पर दूसरे दिन भी आयकर विभाग की कार्रवाई जारी रही। सूत्रों का दावा है कि अभी तक 11 करोड़ से अधिक नकद बरामद हुए हैं, वहीं काफी मात्रा में जेवर, महंगी घड़ियों के साथ ही लेनदेन और करोड़ों की बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। विधायक द्वारा किए कारोबार में करीब एक हजार करोड़ रुपए के टैक्स चोरी की भी आशंका व्यक्त की जा रही है। हालांकि आयकर विभाग की ओर से अधिकारिक तौर पर पुष्टि नही की गई है। छापेमारी के दौरान पुलिस का कड़ा पहरा रहा।
आयकर विभाग की टीम ने बुधवार को बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ के विपुलखंड स्थित आवास के साथ ही बलिया, कौशांबी, सोनभद्र के ठिकानों के साथ ही मिजार्पुर और प्रयागराज में सहयोगियों के कई ठिकानों पर छापा मारा था। यह कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। बुधवार की रात करीब 11 बजे विधायक के लखनऊ स्थित आवास से तो कार्रवाई समाप्त कर दी गई, लेकिन विपुलखंड में ही स्थित छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी के कारपोरेट आफिस में पहुंच कर टीम ने जांच शुरू कर दी। बलिया स्थित विधायक के गांव खनवर स्थित आवास के साथ ही रसड़ा स्थित होटल स्काई के अलावा विधायक के खास लोगों में शुमार भूपेन्द्र सिंह और प्रवीण सिंह के यहां पर छापेमारी की गई। सोनभद्र में साईराम इंटर प्राइजेज के साथ ही ठेकेदार के फैजी के ठिकानों पर भी कार्रवाई जारी रही। इसके अलावा सोनभद्र में अन्य खनन कारोबारी जो कि किसी न किसी रूप में विधायक से जुड़े रहे उन सभी के यहां पर भी छापेमारी जारी रही।
भाजपा के छापे सरकारी डकैती होते हैं: अखिलेश यादव
उधर आयकर छापे के दौरान लखनऊ की सियासत गरमाती रही। बसपा प्रमुख मायावती और योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के बाद अब अखिलेश यादव भी बसपा विधायक के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा कि भाजपा के छापे लोगों के कमाए गए पैसों को लूटने के काम करते हैं। भाजपाई जहां भी देखते हैं कि कहीं धन-दौलत जमा होने की संभावना हैं, वहीं एजेसियां लेकर पहुंच जाते हैं। भाजपाई ह्दयहीन हैं, इसलिए संवेदनहीन भी हैं।
