महाराष्ट्र में सियासी रस्साकस्सी के बीच भाजपा ने बाजी मारते हुए एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली है। देवेंद्र फडणवीस ने आज सुबह राजभवन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में दोबारा शपथ ली। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अजित पवार को भी उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। इसके साथ ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने का सपना टूट गया।
फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने हमें स्पष्ट जनादेश दिया था, शिवसेना ने जनादेश का अपमान किया है। महाराष्ट्र की जनता को स्थिर और स्थाई सरकार चाहिए, खिचड़ी सरकार नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के उज्जवल भविष्य के लिए एनसीपी के साथ मिलकर काम करेंगे।
Maharashtra Chief Minister, Devendra Fadnavis: I would like to express my gratitude to NCP's Ajit Pawar ji, he took this decision to give a stable government to Maharashtra & come together with BJP. Some other leaders also came with us and we staked claim to form government. pic.twitter.com/eq1v9syg8z
— ANI (@ANI) November 23, 2019
वहीं एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि भाजपा के साथ सरकार बनाने का अजित पवार का फैसला निजी है। यह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का फैसला नहीं है। शरद पवार ने ट्वीट कर कहा कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए भाजपा को समर्थन देने का अजित पवार का फैसला उनका व्यक्तिगत निर्णय है। यह राकांपा का फैसला नहीं है। हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हम इस फैसले का समर्थन नहीं करते।
इससे पहले कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस, शिवसेना और राकांपा को तीन दिनों के भीतर बातचीत पूरी कर लेनी चाहिए थी।
