एसबीआई ने दिया बड़ा तोहफा, सस्ते में ले सकेंगे लोन

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देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है। एसबीआई ने लगातार आठवीं बार वित्त वर्ष 2019-20 के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में कटौती का एलान किया है।

एमसीएलआर में हुई इतनी कटौती
एसबीआई ने एक साल के एमसीएलआर में 10 बीपीएस की कटौती की है। जिसके बाद यह दर आठ फीसदी से कम होकर 7.90 फीसदी हो गई है। नई दरें 10 दिसंबर 2019 से लागू हो रही हैं। इससे ग्राहकों को फायदा होगा क्योंकि अब उन्हें सस्ते में लोन मिलेगा।

नवंबर में भी किया था बदलाव
इससे पहले नवंबर माह में भी एसबीआई ने एमसीएलआर में बदलाव किया था। तब एसबीआई ने एक साल के एमसीएलआर में पांच बीपीएस की कटौती की थी। जिसके बाद यह दर 8.05 फीसदी से कम होकर आठ फीसदी हो गई थी। नई दरें 10 नवंबर 2019 से लागू हुई थीं।

ये हैं एमसीएलआर की दरें
अवधि मौजूदा दर नई दर
24 घंटे 7.65 फीसदी 7.55 फीसदी
एक महीना 7.65 फीसदी 7.55 फीसदी
तीन महीने 7.7 फीसदी 7.6 फीसदी
छह महीने 7.85 फीसदी 7.75 फीसदी
एक साल आठ फीसदी 7.9 फीसदी
दो साल 8.1 फीसदी आठ फीसदी
तीन साल 8.2 फीसदी 8.1 फीसदी

RBI ने नहीं किया था रेपो दर में बदलाव
उल्लेखनीय है कि बीते सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एलान कर बताया था कि उसने रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया है। साथ ही केंद्रीय बैंक ने जीडीपी का अनुमान घटा दिया था। रेपो दर 5.15 फीसदी पर बरकरार है। बता दें कि केंद्रीय बैंक खुदरा महंगाई को ध्यान में रखते हुए प्रमुख नीतिगत दरों पर फैसला लेता है। इस साल रेपो दर में कुल 135 आधार अंकों की कटौती हुई है। नौ सालों में पहली बार रेपो रेट इतना कम है। मार्च, 2010 के बाद यह रेपो रेट का सबसे निचला स्तर है। रिवर्स रेपो रेट 4.90 फीसदी है बैंक रेट 5.40 फीसदी पर है।