भारत में जितना विश्वास डॉक्टर पर करते हैं उतना ही विश्वास घरेलू नुस्खों पर भी किया जाता है। सच तो ये है कि आजमाएं हुए अधिकतर नुस्खे कारगर साबित होते हैं यही वजह है कि आज भी छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं का घर पर समाधान संभव है। आज हम इमली के पत्ते के औषधीय गुणों के बारे में बताने जा रहे हैं जो संक्रमण, सूजन और घाव पर तेजी से असर करने में कारगर है। 
इमली की पत्तियों का अर्क जननांग संक्रमण रोकता है और इसके लक्षणों से राहत भी प्रदान करता है।
इमली की पत्ती में विटामिन सी का भंडार होता है, जो किसी भी सूक्ष्मजीव संक्रमण से शरीर की रक्षा करता है जिससे शरीर स्वस्थ रहता है।
पत्तियों को और प्रभावी बनाने के लिए पपीता, नमक और पानी को पत्तियों में मिलाया जा सकता है। हालांकि, बहुत अधिक नमक का उपयोग न करें।
स्कर्वी विटामिन सी की कमी के कारण होता है। आमतौर पर स्कर्वी मसूड़ों और नाखूनों, थकान आदि जैसे लक्षणों के साथ होता है। इमली के पत्तों में उच्च एस्कॉर्बिक एसिड सामग्री होती है, जो एंटी-स्कर्वी विटामिन के रूप में कार्य करती है।
इमली की पत्तियों में सूजन को कम करने वाले गुण होते हैं और जोड़ों के दर्द और अन्य सूजन के इलाज के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इमली की पत्तियों का सेवन करने से शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इससे डायबिटीज जैसी बीमारी को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
