महबूबा मुफ्ती की पासपोर्ट एप्लीकेशन रिजेक्ट:CID ने पुलिस वैरिफिकेशन में आपत्ति जताई

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(www.arya-tv.com) जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और PDP चीफ महबूबा मुफ्ती की भारतीय पासपोर्ट के लिए दी गई एप्लीकेशन रद्द हो गई है। जम्मू-कश्मीर क्राइम इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने पुलिस वैरिफिकेशन रिपोर्ट (PVR) में महबूबा को पासपोर्ट नहीं देने के लिए कहा है। PVR रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद रीजनल पासपोर्ट ऑफिस ने उन्हें पासपोर्ट जारी करने से इनकार कर दिया है।

इस घटना के बाद महबूबा ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट के लिए दिया गया मेरा आवेदन रद्द कर दिया गया है, क्या एक पूर्व मुख्यमंत्री देश के लिए खतरा है? पासपोर्ट ऑफिस ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) चीफ महबूबा को लेटर जारी किया है। लेटर में लिखा है कि यदि महबूबा चाहें तो पासपोर्ट रिजेक्शन के खिलाफ विदेश मंत्रालय में अपील कर सकती हैं।

महबूबा का तंज- इस तरह करेंगे कश्मीर का नॉर्मलाइजेशन
पासपोर्ट की अर्जी खारिज होने के बाद महबूबा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में नॉर्मलाइजेशन का वादा किया गया था। क्या इस तरह सारी चीजों को नॉर्मल किया जाएगा? मेरा पासपोर्ट नहीं जारी किया जा रहा है। CID ने अपनी रिपोर्ट में मुझे देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। 2019 के बाद हमें यही सब हासिल हुआ है। एक पूर्व मुख्यमंत्री को पासपोर्ट देने से एक शक्तिशाली देश की साख खतरे में आ जाती है।

14 महीने रह चुकी हैं नजरबंद
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद महबूबा मुफ्ती को नजरबंद कर दिया गया था। उन्हें पिछले साल 27 नवंबर को रिहा किया गया। वे 14 महीने तक नजरबंद रहीं। इसके बाद जनवरी 2021 में महबूबा ने वीडियो जारी कर उन्हें फिर नजरबंद करने का आरोप लगाया था। इसके बाद कश्मीर जोन पुलिस ने मामले में ट्वीट कर बताया कि महबूबा मुफ्ती को घर में नजरबंद नहीं किया गया है, बल्कि सुरक्षा कारणों के चलते उनसे पुलवामा के दौरे को रद्द करने की अपील की गई थी।

दिग्गज नेता छोड़ रहे हैं महबूबा का साथ

महबूबा मुफ्ती इस समय अलग-थलग पड़ती जा रही हैं। सोमवार को 3 PDP नेताओं ने महबूबा मुफ्ती का साथ छोड़कर सज्जाद गनी लोन की पीपुल्स कांफ्रेंस का हाथ थाम लिया। इनके नाम खुर्शीद आलम, पीर मंसूर और सैयद बशारत अहमद बुखारी हैं। इससे पहले PDP के सबसे पुराने नेताओं में से एक और संस्थापक सदस्य मुजफ्फर हुसैन बेग ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। बेग भी सज्जाद गनी लोन की पीपुल्स कांफ्रेंस में शामिल हो गए थे। बेग की पत्नी सफीना बेग भी PDP से इस्तीफा देने वाली हैं। PDP के कई नेता J&K के पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व वाली ‘जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी’ में भी शामिल हुए हैं।